अब ULI से चुटकियों में मिलेगा लोन, न सिबिल स्कोर जरूरी और न सैलरी प्रूफ, जानें

ULI Loan online: RBI द्वारा लॉन्च किया गया यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI) प्लेटफार्म लोन प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाएगा, खासकर खराब क्रेडिट स्कोर या बिना वेतन प्रमाण पत्र वाले लोगों के लिए। यह प्लेटफार्म उधारकर्ताओं की फाइनेंशियल जानकारी एकत्रित कर बैंकों और NBFCs को लोन देने में मदद करेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे लोन के लिए भी लोन प्राप्त करना आसान होगा।

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जिन ग्राहकों के सिबिल स्कोर खराब होते है या उनकी क्रेडिट हिस्ट्री ठीक नही होती है तो उनको लोन पाने में काफी कठिनाई होती है। इसके अलावा वेतन नहीं हो, वेतन का प्रमाण न हो तो भी लोन लेने में बैंक ज्यादा जाना पड़ता है। यदि इंटरनेट बैंकिंग न हो तो ऑनलाइन लोन पाना तो एक स्वप्न सरीखा लगता है।

किंतु अब लोन मिंटो में लेना संभव होगा। इस काम के लिए RBI की तरफ से यूनिफाइड लेडिंग इंटरफेस (ULI) नाम के प्लेटफार्म का ऐलान हुआ है। इसकी हेल्प से लोगो का लोन लेना अब काफी सरल हो जाएगा।

ULI क्या होता है?

ULI एक तरीके का डिजिटल प्लेटफार्म होता है जोकि लोन पाने के प्रोसेस को सरल करता है। एक न्यूज के अनुसार, यह गांव के क्षेत्र और कम राशि के लोन को लेने में काफी सरल करेगा।

ULI के काम करने का तरीका

ULI का काम उधारकर्ता से जुड़ी हर एक डीटेल्स को एक ही प्लेटफार्म तक मुहैया करना है। जानकारों की राय में ULI के माध्यम एस लोन प्रदाता बैंक, NBFC आदि को वैसे ग्राहकों की फाइनेंसियल या नॉन फाइनेंशियल डीटेल्स मिल सकेगी जोकि लोन लेने को इच्छुक है।

फाइब के सह संस्थापक और CFO आशीष गोयल के अनुसार, eKYC रिकॉर्ड, पैनकार्ड की डीटेल्स और प्रदेश भूमि रिकॉर्ड आदि कई फाइनेंशियल डीटेल्स को उधारकर्ता की वित्तीय बायोडाट के निर्माण में डाला जाना है। लोन दे रहे हर एक बैंक, NBFC और फिनटेक फर्म को इन डीटेल्स के अनुसार लोन देने का मौका मिलेगा। यह लोन देने की कार्यवाही को तेज करने का काम करेगी।

कैसे मिलने लोन?

इसको लेकर एक पायलट प्रोजेक्ट 1 वर्ष पहले शुरू हुआ था। तब इसको पर्सनल लोन, MSME लोन, डेयरी लोन, होम लोन, किसान क्रेडिट कार्ड आदि को लेकर लाया गया था। अभी ULI प्लेटफार्म को MSME लोन, किसान लोन, पर्सनल लोन आदि को लेकर तैयार किया है। किंतु वक्त गुजरने पर इससे अन्य काफी तरीके के लोन को देने की शुरुआत होने के अनुमान है। ULI को अभी पायलट फेज में रखा गया है।

लोन लेने का एक नमूना समझे

माने एक किसान या मछुआरा है और उसका कोई रिकॉर्ड न होने पर भी वो काफी अच्छे से व्यवसाय करने में लगा है। उस व्यक्ति की एक तय आमदनी भी है। किंतु लोन प्रदाता बैंक या अन्य संस्थान खतरा न उठाते हुए उसको लोन नहीं देगी। इसकी वजह है कि उनको नही पता है कि वह व्यक्ति किंतु पेमेंट कर सकता है।

किंतु अब ULI के मामले में यह नहीं होगा। इस प्लेटफार्म में बैंक या अन्य संस्थान की तुलना में अधिक डीटेल्स होगी। ऐसे में उसके व्यवसाय को लेकर अधिक डीटेल्स पाकर लोन देने का फैसला हो सकता है। इस वजह से जिन लोगो को पूर्व तह लोन नहीं मिलता था अब उनको सरलता से मिल सकेगा।

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